निरर्थक क्रिया कलापें
देश के सर्वोच्च अदालत ने कांग्रेस के नेतृत्व में 14 विपक्षी दलों द्वारा दायर याचिका पर विचार करने से पिछले बुधवार यानिकी 5 अप्रेल 2023 के दिन मना कर दिया। इस याचिका के माध्यम से मौजूदा समय ईडी और सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुये कांग्रेस समेत 14 दलों को जिस तरह से खाली हाथ लौटना पड़ा है, इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि उन्हें इस सम्बंध में ऐसी कोई याचिका दायर ही नहीं करना चाहिए था कि जिससे यह लगे कि विपक्षी दल अपने लिए अलग नियम-कानून अथवा केंद्रीय जांच एजेंसियों के जांच दायरे से मुक्ति पाना चाहते हैं। जिससे यह बात और भी अधिक पुष्ट हो जाती है कि उन पर लगे आक्षेप कहीं न कहीं सच है। नहीं तो इस तरह की निरर्थक याचिका कोर्ट में दायर आखिरकार वे कहना क्या चाहते हैं? वर्ष 24 में होने वाले चुनाव के मद्दे नज़र संसद में व्यर्थ का हंगामा खड़ा कर संसदीय कार्यवाही की बलि चढ़ा देना कहां तक उचित है यह तो ऐेसे लोग ही जाने, लेकिन इस घटनाक्रम से क्या यह बात परिलक्षित नहीं होती है कि सम्पूर्ण इकठ्ठा हुये विपक्षी लोग मौजूदा सरकार पर यह दबाव बनाने की कोशिश में थी सरकार 'सीबीआइ' और 'ईडी...