कब सुधरेगी यह अवस्था
कब सुधरेगी यह अवस्था
आज देश में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों की ख़बरें अक्सर सुनाई देती रहतीं है लेकिन जब भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर नकेल डालने के मद्देनजर कार्यवाही करने के उद्देश्य से उनपर छापे मारी की कार्यवाही होती है तो राजनीतिक लोग हो-हल्ला मचाते हुये यह कहना शुरू कर देते हैं कि यह करवाई राजनीति से प्रेरित हैं ऐसे में स्वाभाविक है कि एक तरफ जहां एजेंसियां डाल-डाल हैं तो दुसरी तरफ भ्रष्टाचारी तत्व पात-पात, जैसे मुहावरे को चरितार्थ करते दिखते हैं वैसे सही बात कहा जाये तो हमारे देश में भ्रष्टाचार के आरोप से घिरे नेताओं एवं नौकरशाहों जैसे लोगों को यदि जल्द से जल्द कठोर से कठोर सजा मिलने की राह आसान हो जाए तो निश्चित तौर पर कोई भी भ्रष्टाचार करने की जुर्रत नहीं करेगा, लेकिन होता यह है कि भ्रष्टाचारियों से लेकर अपराधियों पर दोष सिद्ध होने में इतना लम्बा समय निकल जाता है कि सजा का महत्व और प्रभाव दोनो क्षीण हो जाते है और ऐसे में मामला इतना कमजोर हो जाता है कि वह स्वतः खत्म हो जाता है या अपराधी येन-केन प्रकारेण अपने आप को साफ बचाने में कामयाब हो जाते है।
टिप्पणियाँ